जयपुर/सालासर: राजस्थान में तेजी से विकसित हो रहा सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के लिए विकास के नए अवसर पैदा कर रहा है। इसी बदलते परिदृश्य में सालासर एक ऐसे डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, जहां आस्था, बेहतर कनेक्टिविटी, खुला वातावरण और आधुनिक जीवनशैली का मेल देखने को मिल सकता है।
इसी सोच के साथ PureSoul Infra ने सालासर में अपने विशेष प्लॉटेड प्रोजेक्ट ‘TEERTH’ को विकसित किया है। कंपनी के अनुसार, TEERTH को केवल एक प्लॉटेड डेवलपमेंट के रूप में नहीं, बल्कि सालासर की आध्यात्मिक पहचान के साथ आधुनिक और शांत जीवनशैली को जोड़ने की अवधारणा के रूप में तैयार किया गया है।
राजस्थान सरकार के Rajasthan Road Development and Maintenance Programme के तहत पांच वर्षों में ₹60,000 करोड़ से अधिक के निवेश की परिकल्पना की गई है। इसके अलावा राज्य में लगभग 2,750 किलोमीटर से अधिक लंबाई के नौ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित करने की योजना भी घोषित की गई है।
PureSoul Infra का मानना है कि जब किसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल को बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मिलती है, तो उसका महत्व केवल तीर्थयात्रा तक सीमित नहीं रहता। बेहतर पहुंच से पर्यटन, स्थानीय कारोबार, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट जैसी गतिविधियों के लिए भी संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।
PureSoul Infra के फाउंडर एवं MD पुनीत आनंद कहते हैं, “सालासर की सबसे बड़ी ताकत उसकी आध्यात्मिक पहचान है। अब जब राजस्थान में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े स्तर पर काम हो रहा है, तो हमारा प्रयास है कि इस बदलते परिवेश के अनुरूप लोगों को सालासर में एक ऐसा स्पेस मिले, जहां वे आस्था के साथ अपने परिवार के लिए शांत और गुणवत्तापूर्ण समय भी बिता सकें।”
TEERTH: केवल जमीन नहीं, एक अनुभव
TEERTH की अवधारणा सालासर बालाजी की आध्यात्मिक ऊर्जा, खुले वातावरण और आधुनिक प्लॉटेड लिविंग के संगम पर आधारित है। PureSoul Infra द्वारा जारी परियोजना सामग्री में प्रोजेक्ट की लोकेशन को NH-58 Expressway के आसपास सालासर बालाजी, सुजानगढ़ और फतेहपुर की दिशाओं से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
कंपनी के अनुसार, TEERTH उन लोगों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है जो महानगरों की भागदौड़ से दूर एक शांत स्थान चाहते हैं, लेकिन कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह अलग नहीं होना चाहते।
बढ़ते सेकंड-होम बाजार में भी उपभोक्ताओं की पसंद पारंपरिक हिल स्टेशन या समुद्र तटीय स्थलों से आगे बढ़कर प्रकृति, संस्कृति और आध्यात्मिक अनुभव वाले स्थानों तक पहुंच रही है। ऐसे में सालासर जैसे धार्मिक केंद्र भविष्य में इस नए रियल एस्टेट सेगमेंट के लिए संभावनाएं प्रस्तुत कर सकते हैं।
सालासर: आस्था से आगे बढ़ता डेस्टिनेशन
सालासर बालाजी मंदिर पहले से ही देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। TEERTH इसी स्थापित धार्मिक पहचान के साथ एक अलग तरह की रियल एस्टेट अवधारणा को जोड़ने का प्रयास है—जहां लोग तीर्थ यात्रा के साथ कुछ समय रुकने, परिवार के साथ रहने या भविष्य के लिए अपना निजी स्पेस विकसित करने की कल्पना कर सकते हैं।
PureSoul Infra का फोकस ऐसे प्रोजेक्ट्स विकसित करने पर है, जिनमें लोकेशन, कनेक्टिविटी, संस्कृति और आधुनिक जीवनशैली को एक साथ जोड़ा जा सके।
कंपनी के लिए TEERTH केवल सालासर में एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि इस विचार का प्रतिनिधित्व करता है कि भारत में भविष्य का सेकंड-होम केवल पहाड़ों या समुद्र के किनारे ही नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति से जुड़े उभरते डेस्टिनेशन में भी हो सकता है।

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