राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026: BJP की जीत, लेकिन निर्दलीयों ने बदला समीकरण


14 सितंबर 2026 को राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों,  10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं के चुनाव परिणाम सामने आए, जिसने राज्य की राजनीति में नए समीकरण पेश किए। कुल 10,244 वार्डों में से 10,235 वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके थे, जिनमें BJP ने 4,179 वार्ड जीते, कांग्रेस ने 3,613 वार्ड जीते, और निर्दलीयों ने 2,273 वार्ड जीतकर तीसरे नंबर पर रहते हुए भी कई निकायों में किंगमेकर की भूमिका निभाई।

10 नगर निगमों का हिसाब

जयपुर नगर निगम (150 वार्ड): BJP ने 78 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस को 53 वार्ड मिले और निर्दलीयों ने 15 वार्ड जीते। जयपुर में BJP की यह जीत खासतौर पर महत्वपूर्ण मानी गई, क्योंकि यह राजस्थान की राजधानी और सबसे बड़ा शहरी निकाय है।

उदयपुर नगर निगम (80 वार्ड): 

BJP ने 53 वार्ड जीतकर यहाँ भी स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया, जबकि Cकांग्रेस को 23 वार्ड और अन्य को 4 वार्ड मिले।

कोटा नगर निगम (100 वार्ड): 

BJP ने 55 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया, कांग्रेस को 38 वार्ड मिले, और अन्य को 4 वार्ड। कोटा में BJP के बागी उम्मीदवारों के बावजूद पार्टी ने अपना प्रभुत्व बनाए रखा।

भीलवाड़ा नगर निगम (70 वार्ड): 

कुल 70 वार्डों में से BJP ने 45 वार्ड जीतकर बहुमत प्राप्त किया।

अलवर नगर निगम: 

BJP यहाँ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, हालांकि स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया। BJP: 28 वार्ड Congress: 23 वार्ड निर्दलीय: 13 वार्ड BSP: 1 वार्ड कुल: 65 वार्ड

जोधपुर नगर निगम (100 वार्ड): 

यहाँ BJP और कांग्रेस में कांटे का मुकाबला हुआ, दोनों पार्टियों को 44-44 वार्ड मिले, जबकि 11 वार्ड अन्य उम्मीदवारों ने जीते। यह एकमात्र नगर निगम था जहाँ दोनों बड़ी पार्टियां बराबरी पर रहीं।

अजमेर नगर निगम: 

कांग्रेस ने यहाँ जीत हासिल की, हालांकि सटीक वार्ड संख्या विभिन्न स्रोतों में अलग-अलग बताई गई। कांग्रेस: 37 वार्ड भाजपा: 32 वार्ड निर्दलीय: 11 वार्ड

पाली नगर निगम (65 वार्ड): 

कांग्रेस ने 29 वार्ड जीतकर यहाँ BJP (21 वार्ड) और निर्दलीकों (15 वार्ड) को पछाड़ दिया।

बीकानेर नगर निगम: 

कांग्रेस ने यहाँ भी जीत दर्ज की। कांग्रेस: 42 वार्ड (स्पष्ट बहुमत, 41 का आंकड़ा पार), भाजपा: 25 वार्ड, निर्दलीय: 12 वार्ड, आरएलपी (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी): 1 वार्ड

भरतपुर नगर निगम: 

यहाँ अन्य उम्मीदवारों और निर्दलीयों का प्रभुत्व रहा। निर्दलीय: 36 वार्ड (अकेले बहुमत के आंकड़े 33 से ज्यादा), भाजपा: 20 वार्ड, कांग्रेस: सिर्फ 7 वार्ड, बसपा: 1 वार्ड, आरएलपी: 1 वार्ड

कुल मिलाकर 10 नगर निगमों में से BJP ने 5 में स्पष्ट जीत हासिल की (जयपुर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, अलवर), कांग्रेस ने 2-3 में जीत दर्ज की (अजमेर, पाली, बीकानेर), और 4 निकाय hung रहे।

47 नगर परिषदों का परिदृश्य

47 नगर परिषदों में BJP ने 21 में बढ़त हासिल की, कांग्रेस 16 में आगे रही, और 7 में अन्य पार्टियां या निर्दलीक आगे रहे। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, BJP ने 12 नगर परिषदों में बहुमत जीता, कांग्रेस ने 6 में, AAP ने 1 में, और 28 नगर परिषदों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, जहाँ निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका निभा रहे हैं। वार्ड स्तर पर BJP ने 821 वार्ड जीते, Congress ने 625 वार्ड, और अन्य ने कई वार्ड।

252 नगर पालिकाओं में BJP का दबदबा

252 नगर पालिकाओं में BJP ने 144 में जीत हासिल की, कांग्रेस ने 92 में, और 16 में अन्य पार्टियां आगे रहीं। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, BJP 149 नगर पालिकाओं में आगे थी, कांग्रेस 95 में, और निर्दलीय 8 में। वार्ड स्तर पर BJP ने 2,741 वार्ड जीते, कांग्रेस ने 2,335 वार्ड, और अन्य ने 1,675 वार्ड।

कुल मिलाकर: BJP आगे, लेकिन निर्दलीक असली विजेता

राज्य स्तर पर कुल 309 नगर निकायों में BJP 148 निकायों में सबसे बड़ी पार्टी बनी, कांग्रेस 104 निकायों में, और कई निकाय हंग रहे। वार्ड स्तर पर BJP ने 4,179 वार्ड जीते, कांग्रेस ने 3,613 वार्ड, और निर्दलीयों ने 2,273 वार्ड। अन्य छोटी पार्टियों में RLP ने 63 वार्ड, CPI(M) ने 38 वार्ड, AAP ने 42 वार्ड, BSP ने 19 वार्ड, और BAP ने 8 वार्ड जीते।

मेयर और अध्यक्ष पदों के चुनाव के बाद कांग्रेस ने 123 निकायों पर नियंत्रण किया, BJP ने 64 निकायों पर, और निर्दलीय  व अन्य पार्टियों ने 9 निकायों पर। यह आंकड़ा दर्शाता है कि हालांकि BJP ने वार्ड स्तर पर अधिक सीटें जीतीं, लेकिन Congress ने गठबंधन और निर्दलीकों के समर्थन से अधिक निकायों पर कब्जा जमाया।

निर्दलीय की भूमिका: असली किंगमेकर

इन चुनावों की सबसे खास बात निर्दलीय उम्मीदवारों का तीसरे नंबर पर आना था, जिन्होंने 2,273 वार्ड जीते। कई नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, जिससे निर्दलीय की भूमिका किंगमेकर की हो गई। 28 नगर परिषदों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, जहाँ निर्दलीकों का समर्थन निर्णायक साबित हुआ।

राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 ने एक जटिल राजनीतिक तस्वीर पेश की। BJP ने वार्ड स्तर पर अधिक सीटें जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की, खासकर जयपुर, उदयपुर, कोटा जैसे बड़े शहरों में। कांग्रेस ने अजमेर, पाली, बीकानेर जैसे शहरों में अच्छा प्रदर्शन किया और गठबंधन बनाकर अधिक निकायों पर नियंत्रण जमाया। लेकिन असली विजेता निर्दलीय रहे, जिन्होंने 2,273 वार्ड जीतकर कई निकायों में किंगमेकर की भूमिका निभाई।

यह चुनाव परिणाम 2028 की विधानसभा चुनाव से पहले दोनों बड़ी पार्टियों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हैं कि शहरी मतदाता किस दिशा में जा रहे हैं और गठबंधन की राजनीति कितनी महत्वपूर्ण हो गई है।

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