जाट-राजपूत भाईचारा ही दोनों को राजनीतिक गुलामी से आजाद करवा सकता है


राजस्थान में जाट-राजपूत भाईचारा धरातल पर कायम हो जाए तो दोनों जातियों को गैरों की राजनीतिक गुलामी से छुटकारा मिल सकता है। यह जितना नामुमकिन लग रहा है, उतना कठिन नही है। दोनों समाजों के मौजिज लोग इस संबंध में यही इच्छा रखते हैं। लेकिन अब इस अभिनव प्रयोग की पहल करना बाकी है। दोनों समाजों का अगर यह भाईचारा धरातल पर बन जाए तो बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, राजसमंद, अजमेर, नागौर, चुरू, सीकर, झुंझुनूं समेत एक दर्जन जिलों में जाट-राजपूत समाजों का विधायक बनना आसान हो जाएगा। अकेले बाड़मेर की ही बात करें तो शिव विधानसभा में जाट समाज के साथ आने पर राजपूत विधायक आसानी से जीत सकता है।जातीय वोटों के कारण बायतू में जाट समाज का उम्मीदवार जीत सकता है। इसी तरह से जिले की सिवाना सीट पर राजपूत विधायक बनना निश्चित है। दोनों जातियों के गठजोड़ से गुड़ामालानी से जाट विधायक बनता है, तो इस विधानसभा सीट में 2 राजपूत प्रधान बन सकते हैं। इसी तरह से पचपदरा व चौहटन में भी राजनीतिक दलों को दोनों बड़ी जातियों को नजरअंदाज करना मुश्किल हो जाएगा। जानकारों का मानना है कि कुछ विद्वेषी और कागजी नेता जरूर इस अभिनव पहल का विरोध करेंगे, क्योकि अगर ऐसा हो गया तो उनकी जातीय विरोध की दुकानें बंद हो जाएगी, लेकिन अगर ऐसा होता है तो दोनों जातियों को नजरअंदाज करना दोनों ही प्रमुख दलों के लिए बेहद कठिन हो जाएगा, जबकि इस मौके पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भी विकल्प के रूप में खड़ी हो रही है। राज्य की कुल आबादी में जाट मतदाताओं की संख्या 18 से 20% और राजपूत समाज के वोटर्स करीब 10% बताए जाते हैं। ऐसे में यह 30 फीसदी आबादी भाजपा-कांग्रेस को मन मुताबिक फैसले लेने को मजबूर कर सकती है। अब इसमें अड़ंगे क्या हैं? इसपर बात की जाए तो सामंती काल से चली रही धारणाओं को तोड़ना होगा। आजादी से पहले और किसान को ज़मीन का अधिकार देने से पहले दोनों समाजों में क्या हुआ, इसको छोड़ना होगा। दोनों जातियों के बुद्धिजीवी लोगों को आगे आना होगा और सियासी दलों के बयानों से बाहर निकलना होगा, क्योंकि राजनीतिक दल कभी नहीं चाहेंगे कि दो मार्शल कौम एकसाथ खड़ी हो जाएं। इसके लिए पार्टियां जातिवादी भड़काऊ बयान देकर हर बार की तरह सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम करेंगे, ऐसे लोगों से दोनों ही समाजों के लोग को बचाना होगा और युवा पीढ़ी को सावधान करना होगा। 

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