पायलट ने गहलोत—वसुंधरा दोनों को फिर ​आड़े हाथों लिया



पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने एक बार फिर से सीएम अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को आड़े हाथों लिया है। परोक्ष रुप से पायलट ने गहलोत के उस बयान पर कटाक्ष किया कि रीट के युवाओं को न्याय दिलाना मानसिक दिवालियापन कैसे हो सकता है?


ठीक इसी तरह से कहा कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को वह महिला होने के कारण पूरा सम्मान करते हैं और 365 दिन विरोध करने के बाद भी कभी उन्होंने राजे को अपशब्द नहीं बोले, लेकिन खान आवंटन हुआ और विरोध के बाद निरस्त की गई, तो इसका मतलब घोटाला तो हुआ है, भ्रष्टाचार तो हुआ है।


पायलट ने केंद्र सरकार के बहाने गहलेात पर निशाना साधा और कहा कि गरीबों को मदद करना रेवड़ी बांटना कैसे होता है? ठीक इसी तरह से जब वह कहते हैं कि जिन युवाओं के साथ अन्याय हुआ है, उनको मदद करो तो मानसिक दिवालियापन कैसे होता है?


पायलट ने कहा स्व. राजेश पायलट की 23वीं पुण्यतिथि के मौके पर दौसा में विशाल सभा को संबोधित करते हुए राजेश पायलट के जीवन पर प्रकाश डाला और उनके लोगों के साथ जुड़ाव को याद किया। 


इस कार्यक्रम में सरकार के 6 मंत्री और 9 विधायक शामिल हुए। पायलट ने गहलोत सरकार के समय कोटा में बच्चों की मौत का मामला उठाया था, जिसके बाद आज कोटा में शानदार अस्पताल बन चुका है, अब वहां पर बच्चों की मौत नहीं होती है। 


पायलट ने कहा कि सरकार चाहे किसी की भी हो, यदि गलत के खिलाफ नहीं बोला जायेगा, तो फिर जनता सबका हिसाब रखती है, समय पर आने पर उसको चुकता भी कर देती है।


इससे पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि पायलट इस सभा के माध्यम से कोई बड़ा ऐलान करने वाले हैं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और सभा शांति से समाप्त हो गई। 

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