गहलोत के राज में 60 फीसदी बढ़ा दलितों पर अत्याचार



-पिछले तीन सालों में राजस्थान में राजस्थान में करीब 21 हजार दलित अत्याचार के मामले दर्ज हुए हैं 

-बेटियों और महिलाओं के खिलाफ बर्बरता और अपराध में राजस्थान नंबर 1 

-चुनावी मंच से राजस्थान में महिला अपराध का मद्दा उठा रहे भाजपा के नेता 

-आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान में ना बेटियां सुरक्षित और ना बुजुर्ग महिलाएं। 


भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में महिलाओं और बहन बेटियों के खिलाफ हो रहे अत्याचार और अपराध को लेकर गहलोत सरकार को घेर रही है, वहीं अब दलितों पर हुए अत्याचार को लेकर पार्टी ने सीएम अशोक गहलोत को निशाने पर ले लिया है। 


हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस की सरकार में राजस्थान के लोगों के साथ मानवता को शर्मसार करने वाली वारदातें हो रही हैं। कांग्रेस सरकार, महिलाओं के खिलाफ अपराध को काबू कर पाने में पूरी तरह नकारा साबित हुई है। 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तक अपनी सभाओं में बेटियों के साथ हुई बर्बरता को लेकर गहलोत सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। विधानसभाओं में जा जाकर भाजपा कार्यकर्ता दलितों को लेकर गहलोत सरकार के रवैये की बात कर रहे हैं और यह बता रहे हैं कि गहलोत राज में दलितों का कितना शोषण हुआ है। 


नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में राजस्थान में बलात्कार के 6,342 मामले सामने आए। 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं के मामलों में राजस्थान की स्थिति बेहद चिंताजनक है। 


एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार देश में 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार की 2,989 घटनाएं हुई जिसमें से 1,453 घटनाएं अकेले राजस्थान में सामने आई। राजस्थान में बलात्कार की चार घटनाएं 60 साल से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं के साथ हुई हैं। 


हैरानी की बात ये है कि राजस्थान में 30 वर्ष से कम उम्र की 3265 महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं हुई हैं। दलितों पर अत्याचार के मामले 60 फीसदी बढ़े ऐसे में यह समझना जरूरी है कि दलित अत्याचार के मामले में राजस्थान कहां है। आपको जानकर हैरानी होगी कि राजस्थान में चार साल में दलितों पर अत्याचार के मामले 60 फीसदी बढ़े है। 


पिछले तीन सालों में राजस्थान में करीब 21 हजार दलित अत्याचार के मामले दर्ज हुए हैं। आंकड़े बहरोड़ में एक नाबालिग दलित युवती के साथ दरिंदे ने रेप किया बाड़मेर जिले में दलित समुदाय के कब्रों को तोड़ा गया, हनुमानगढ़ में बाबा साहब अंबेडकर की फोटो लगाने के विवाद में एक दलित की हत्या, नागौर में दलित युवक की पिटाई के बाद उसके गुप्तांगों में पेचकस और पेट्रोल डाल दिया गया। 


अलवर में पति के सामने एक दलित महिला के साथ रेप बीकानेर में दलित युवक प्रदीप मेघवाल की मूँछ रखने पर गोली मारकर हत्या पाली में दलित युवक जितेन्द्रपाल मेघवाल की मूँछ रखने पर चाकुओं से गोदकर हत्या दौसा में एक आदिवासी महिला के साथ गैंगरेप के बाद उसकी लाश को जलाकर कुएँ में फेंक दिया गया। 


बहरोड़ में एक नाबालिग दलित युवती के साथ समुदाय विशेष के दरिंदे ने रेप किया और गहलोत की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की इन घटनाओं से हिल गया। राजस्थान 11 जुलाई को करौली जिले के नादौती तहसील के भीलपाड़ा गांव में एक दलित युवती को गैंगरेप के बाद हत्या और शव को तेजाब से जलाकर कुएं में फेंका गया। 


उससे पहले 20 जून को बीकानेर जिले के खाजूवाला क्षेत्र में एक दलित बालिका के साथ गैंगरेप और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया। एनसीआरबी के आंकडों के अनुसार राजस्थान में बर्बरता का आलम ये है कि दुष्कर्मियों ने 5 साल तक की अबोध बालिकाओं और 60 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं तक को नहीं छोड़ा।


Post a Comment

Previous Post Next Post