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चंबल के सबसे खूंखार डकैत का तौलिए से मर्डर


अजमेर।
राजस्थान की सबसे सुरक्षित और अभेद्य मानी जाने वाली 'अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल' के भीतर सोमवार को एक ऐसा खूनी खेल खेला गया, जिसने पूरे प्रदेश के पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। तीन राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना और चंबल के बीहड़ों में दशकों तक खौफ का पर्याय रहा कुख्यात डकैत जगन गुर्जर अब इस दुनिया में नहीं है। लेकिन उसकी मौत किसी पुलिस एनकाउंटर में नहीं, बल्कि जेल की उसी कालकोठरी में हुई जहाँ परिंदा भी पर नहीं मार सकता। जगन को उसके ही साथी कैदी ने बैरक के भीतर एक मामूली तौलिए से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया।

यह सनसनीखेज वारदात किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाई सिक्योरिटी जेल की एक ही बैरक में डकैत जगन गुर्जर और भरतपुर के बहुचर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड का मुख्य शूटर विष्णु सिंह जाट बंद थे। सोमवार दोपहर को जब कैदियों को बैरक में लॉक किया गया, तो दोनों समय काटने के लिए आपस में लूडो खेल रहे थे।

खेल के दौरान ही दोनों के बीच पुरानी रंजिश और वर्चस्व को लेकर बहस शुरू हो गई। पूछताछ में सामने आया है कि जगन गुर्जर लगातार विष्णु की बहन को लेकर अभद्र और बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहा था। सिर्फ इतना ही नहीं, चंबल का पुराना डकैत होने के रौब में जगन अक्सर विष्णु को नीचा दिखाते हुए ताना मारता था कि— "तू क्या डॉन बनेगा, असली डकैत और डॉन तो हम थे!"

बहन पर किए गए गंदे कमेंट्स और 'नकली डॉन' के तानों ने विष्णु के भीतर वो बारूद भरा कि उसका सब्र का बांध टूट गया। उसने आव देखा न ताव, बैरक की दीवार पर टंगे तौलिए को निकाला, जगन पर झपट्टा मारा और उसका गला तब तक घोंटे रखा जब तक कि उसकी सांसें हमेशा के लिए थम नहीं गईं। दोपहर बाद जब जेल का संतरी रूटीन राउंड पर पहुंचा, तब इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा हुआ।

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर ने जेल प्रशासन की सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं, क्योंकि ये दोनों ही कैदी राजस्थान के सबसे हार्डकोर अपराधियों में शामिल थे

धौलपुर के बाड़ी का रहने वाला जगन गुर्जर चंबल का वो खूंखार नाम था जिस पर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती और रंगदारी के 130 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। उस पर पुलिस पर फायरिंग और महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने जैसे घिनौने आरोप भी थे। उसे इसी साल मार्च में अजमेर शिफ्ट किया गया था। जगन की हत्या करने वाला विष्णु भरतपुर के कुलदीप जघीना मर्डर केस का मुख्य आरोपी है, जिसने साल 2023 में पुलिस कस्टडी के दौरान चलती रोडवेज बस में घुसकर गैंगस्टर कुलदीप जघीना को सरेआम गोलियों से भून दिया था।

—सीसीटीवी कैमरों की निगरानी कहाँ थी? जो जेल राज्य के सबसे खतरनाक आतंकवादियों और गैंगस्टरों को रखने के लिए बनी है, जहाँ 24 घंटे तीसरी आंख (CCTV) का पहरा रहता है, वहां बैरक के अंदर इतनी देर तक कत्ल का खेल चलता रहा और किसी को कानोकान खबर नहीं हुई?

—दो हार्डकोर अपराधियों को एक साथ क्यों रखा? जेल प्रशासन ने चंबल के बेखौफ डकैत और एक शातिर शूटर को एक ही बैरक में एक साथ क्यों छोड़ा, जबकि दोनों के हिंसक इतिहास से प्रशासन अच्छी तरह वाकिफ था?

—क्या यह सिर्फ तानों की वजह से गुस्से में किया गया मर्डर है, या इसके पीछे जेल के बाहर बैठे किसी बड़े गैंग का हाथ है, जिसने विष्णु को मोहरा बनाया?

फिलहाल, अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला और एफएसएल (FSL) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा लिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि राजस्थान की जेलें अब सुरक्षित किला नहीं, बल्कि गैंगवार का नया अखाड़ा बन चुकी हैं।

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